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वर्ण व्यवस्था 5
वर्ण व्यवस्था 5
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Q1.
स्वर रहित व्यंजन (यानी आधा व्यंजन) को स्पष्ट रूप से दर्शाने के लिए उसके नीचे कौन-सा चिह्न लगाया जाता है?
स्वर रहित व्यंजन (यानी आधा व्यंजन) को स्पष्ट रूप से दर्शाने के लिए उसके नीचे कौन-सा चिह्न लगाया जाता है?
[HSSC/SSC]
Correct Answer: C
जब किसी व्यंजन में से 'अ' (स्वर) को निकाल दिया जाता है, तो वह शुद्ध व्यंजन (स्वर रहित) बन जाता है। इसे दिखाने के लिए अक्षर के नीचे एक तिरछी रेखा (्) खींचते हैं, जिसे हलंत कहते हैं (जैसे- क्, त्)। Trick: जिस अक्षर के पैर 'हल' से कट जाएँ, वह आधा (स्वर रहित) हो जाता है।
जब किसी व्यंजन में से 'अ' (स्वर) को निकाल दिया जाता है, तो वह शुद्ध व्यंजन (स्वर रहित) बन जाता है। इसे दिखाने के लिए अक्षर के नीचे एक तिरछी रेखा (्) खींचते हैं, जिसे हलंत कहते हैं (जैसे- क्, त्)। Trick: जिस अक्षर के पैर 'हल' से कट जाएँ, वह आधा (स्वर रहित) हो जाता है।
Q2.
जीभ के किस हिस्से के प्रयोग के कारण 'इ', 'ई', 'ए', 'ऐ' को 'अग्र स्वर' कहा जाता है?
जीभ के किस हिस्से के प्रयोग के कारण 'इ', 'ई', 'ए', 'ऐ' को 'अग्र स्वर' कहा जाता है?
[HSSC/SSC]
Correct Answer: A
जिन स्वरों के उच्चारण में जीभ का आगे वाला भाग (अग्र भाग) ऊपर-नीचे होता है, वे अग्र स्वर कहलाते हैं। 'अ' मध्य स्वर है, और 'आ, उ, ऊ, ओ, औ' पश्च स्वर हैं। Trick: 'इ' बोलकर देखो, जीभ का 'आगे' (अग्र) वाला हिस्सा तालु की तरफ उठेगा।
जिन स्वरों के उच्चारण में जीभ का आगे वाला भाग (अग्र भाग) ऊपर-नीचे होता है, वे अग्र स्वर कहलाते हैं। 'अ' मध्य स्वर है, और 'आ, उ, ऊ, ओ, औ' पश्च स्वर हैं। Trick: 'इ' बोलकर देखो, जीभ का 'आगे' (अग्र) वाला हिस्सा तालु की तरफ उठेगा।
Q3.
'ष' (षट्कोण वाला) वर्ण का उच्चारण स्थान इनमें से कौन-सा है?
'ष' (षट्कोण वाला) वर्ण का उच्चारण स्थान इनमें से कौन-सा है?
[HSSC/SSC]
Correct Answer: D
ऊष्म व्यंजनों का सही क्रम है: श (तालव्य), ष (मूर्धन्य), स (दन्त्य)। 'ष' बोलते समय जीभ पीछे मुड़कर मूर्धा (कठोर तालु) से टकराती है। Trick: षट्कोण (ष) और टमाटर (ट वर्ग), दोनों ही मूर्ख (मूर्धन्य) नहीं हैं। दोनों का उच्चारण मूर्धन्य है।
ऊष्म व्यंजनों का सही क्रम है: श (तालव्य), ष (मूर्धन्य), स (दन्त्य)। 'ष' बोलते समय जीभ पीछे मुड़कर मूर्धा (कठोर तालु) से टकराती है। Trick: षट्कोण (ष) और टमाटर (ट वर्ग), दोनों ही मूर्ख (मूर्धन्य) नहीं हैं। दोनों का उच्चारण मूर्धन्य है।
Q4.
जिन शब्दों के अंत में 'अ' (A) स्वर आता है, उन्हें व्याकरण में क्या कहा जाता है?
जिन शब्दों के अंत में 'अ' (A) स्वर आता है, उन्हें व्याकरण में क्या कहा जाता है?
[HSSC/SSC]
Correct Answer: C
संस्कृत और हिंदी व्याकरण में जिसके अंत में जो स्वर आता है, उसे उसी नाम से बुलाते हैं। जैसे 'राम' (म् + अ) अकारान्त है। 'लता' (त् + आ) आकारान्त है। 'हरि' इकारान्त है। Trick: अ + कार + अन्त = जिसके अंत में 'अ' आए।
संस्कृत और हिंदी व्याकरण में जिसके अंत में जो स्वर आता है, उसे उसी नाम से बुलाते हैं। जैसे 'राम' (म् + अ) अकारान्त है। 'लता' (त् + आ) आकारान्त है। 'हरि' इकारान्त है। Trick: अ + कार + अन्त = जिसके अंत में 'अ' आए।
Q5.
मुँह खुलने (मुख-विवर) के आधार पर 'इ' और 'ई' किस प्रकार के स्वर हैं?
मुँह खुलने (मुख-विवर) के आधार पर 'इ' और 'ई' किस प्रकार के स्वर हैं?
[HSSC/SSC]
Correct Answer: B
'संवृत' का मतलब होता है 'लगभग बंद'। इ, ई, उ, ऊ का उच्चारण करते समय मुँह बहुत कम खुलता है (लगभग बंद रहता है), इसलिए ये संवृत स्वर हैं। (जबकि 'आ' विवृत/पूरा खुला होता है)। Trick: दाँत भींच कर 'ईईई...' बोलो। मुँह एकदम सिकुड़ कर लगभग बंद (संवृत) हो जाता है।
'संवृत' का मतलब होता है 'लगभग बंद'। इ, ई, उ, ऊ का उच्चारण करते समय मुँह बहुत कम खुलता है (लगभग बंद रहता है), इसलिए ये संवृत स्वर हैं। (जबकि 'आ' विवृत/पूरा खुला होता है)। Trick: दाँत भींच कर 'ईईई...' बोलो। मुँह एकदम सिकुड़ कर लगभग बंद (संवृत) हो जाता है।
Q6.
हिंदी वर्णमाला की 'ब' ध्वनि (Ba) किस वर्ग और उच्चारण स्थान में आती है?
हिंदी वर्णमाला की 'ब' ध्वनि (Ba) किस वर्ग और उच्चारण स्थान में आती है?
[HSSC/SSC]
Correct Answer: B
प, फ, ब, भ, म। यह प-वर्ग का तीसरा अक्षर है। चूँकि प-वर्ग होंठों से बोला जाता है, इसलिए 'ब' एक ओष्ठ्य व्यंजन है। Trick: होंठ मिलाए बिना मुँह से 'बकरी' या 'बाबा' बोलकर दिखाओ, नहीं बोल पाओगे! इसलिए ओष्ठ्य है।
प, फ, ब, भ, म। यह प-वर्ग का तीसरा अक्षर है। चूँकि प-वर्ग होंठों से बोला जाता है, इसलिए 'ब' एक ओष्ठ्य व्यंजन है। Trick: होंठ मिलाए बिना मुँह से 'बकरी' या 'बाबा' बोलकर दिखाओ, नहीं बोल पाओगे! इसलिए ओष्ठ्य है।
Q7.
'ण' (खाली) वर्ण का पूर्ण रूप से सही उच्चारण स्थान क्या है?
'ण' (खाली) वर्ण का पूर्ण रूप से सही उच्चारण स्थान क्या है?
[HSSC/SSC]
Correct Answer: C
'ण' ट-वर्ग का हिस्सा है, इसलिए यह मूर्धन्य है। साथ ही, यह अपने वर्ग का पाँचवाँ अक्षर (पंचमाक्षर) भी है, इसलिए इसे बोलते समय हवा नाक से भी निकलती है (नासिक्य)। Trick: HSSC फँसाता है कि 'मूर्धन्य' लगाएँ या 'नासिक्य'। अगर ऑप्शन में दोनों हों (A&B Both), तो दोनों लगाना है।
'ण' ट-वर्ग का हिस्सा है, इसलिए यह मूर्धन्य है। साथ ही, यह अपने वर्ग का पाँचवाँ अक्षर (पंचमाक्षर) भी है, इसलिए इसे बोलते समय हवा नाक से भी निकलती है (नासिक्य)। Trick: HSSC फँसाता है कि 'मूर्धन्य' लगाएँ या 'नासिक्य'। अगर ऑप्शन में दोनों हों (A&B Both), तो दोनों लगाना है।
Q8.
हिंदी में 'ड़' (सड़क वाला) और 'ढ़' (पढ़ाई वाला) ध्वनियाँ शब्द के किस स्थान पर कभी नहीं आ सकतीं?
हिंदी में 'ड़' (सड़क वाला) और 'ढ़' (पढ़ाई वाला) ध्वनियाँ शब्द के किस स्थान पर कभी नहीं आ सकतीं?
[HSSC/SSC]
Correct Answer: C
उत्क्षिप्त व्यंजनों (बिंदु वाले ड़, ढ़) का सबसे बड़ा नियम यही है कि इनसे कभी भी कोई हिंदी शब्द शुरू नहीं होता। ये हमेशा शब्द के बीच में (सड़क, लड़का) या अंत में (गढ़, बाढ़) आते हैं। (शुरुआत में बिना बिंदु वाले डमरू/ढक्कन आते हैं)। Trick: जो झटके से 'उछले' (उत्क्षिप्त), वो कभी लाइन में 'सबसे आगे' (शुरुआत में) खड़ा नहीं हो सकता।
उत्क्षिप्त व्यंजनों (बिंदु वाले ड़, ढ़) का सबसे बड़ा नियम यही है कि इनसे कभी भी कोई हिंदी शब्द शुरू नहीं होता। ये हमेशा शब्द के बीच में (सड़क, लड़का) या अंत में (गढ़, बाढ़) आते हैं। (शुरुआत में बिना बिंदु वाले डमरू/ढक्कन आते हैं)। Trick: जो झटके से 'उछले' (उत्क्षिप्त), वो कभी लाइन में 'सबसे आगे' (शुरुआत में) खड़ा नहीं हो सकता।
Q9.
जिन ध्वनियों के उच्चारण में हवा केवल नाक से निकलती है, उन्हें क्या कहा जाता है?
जिन ध्वनियों के उच्चारण में हवा केवल नाक से निकलती है, उन्हें क्या कहा जाता है?
[HSSC/SSC]
Correct Answer: C
अनुस्वार (ं) का उच्चारण करते समय हवा केवल नाक से निकलती है (जैसे- अंगूर, कंगन, मयंक)। जबकि अनुनासिक (ँ) में हवा नाक और मुँह दोनों से निकलती है। Trick: अनुस्वार में एक बिंदी (ं) होती है, और इंसान की नाक भी एक ही होती है (केवल नाक का प्रयोग)।
अनुस्वार (ं) का उच्चारण करते समय हवा केवल नाक से निकलती है (जैसे- अंगूर, कंगन, मयंक)। जबकि अनुनासिक (ँ) में हवा नाक और मुँह दोनों से निकलती है। Trick: अनुस्वार में एक बिंदी (ं) होती है, और इंसान की नाक भी एक ही होती है (केवल नाक का प्रयोग)।
Q10.
उच्चारण के प्रयत्न के आधार पर 'ल' (La) किस प्रकार की ध्वनि है?
उच्चारण के प्रयत्न के आधार पर 'ल' (La) किस प्रकार की ध्वनि है?
[HSSC/SSC]
Correct Answer: C
'ल' बोलते समय जीभ ऊपर मसूढ़े को छूती है और हवा जीभ के अगल-बगल (पार्श्व/sides) से निकल जाती है। इसलिए इसे पार्श्विक कहते हैं। Trick: 'ल' से 'लटकना'। हवा जीभ के दोनों किनारों से लटक कर (पार्श्व से) निकल जाती है।
'ल' बोलते समय जीभ ऊपर मसूढ़े को छूती है और हवा जीभ के अगल-बगल (पार्श्व/sides) से निकल जाती है। इसलिए इसे पार्श्विक कहते हैं। Trick: 'ल' से 'लटकना'। हवा जीभ के दोनों किनारों से लटक कर (पार्श्व से) निकल जाती है।
Q11.
अंग्रेजी भाषा से हिंदी में आए 'ऑ' (जैसे- डॉक्टर, कॉलेज) स्वर को व्याकरण में क्या कहा जाता है?
अंग्रेजी भाषा से हिंदी में आए 'ऑ' (जैसे- डॉक्टर, कॉलेज) स्वर को व्याकरण में क्या कहा जाता है?
[HSSC/SSC]
Correct Answer: B
'ऑ' (अर्धचंद्र) न तो पूरी तरह 'ओ' है और न ही 'आ'। यह विदेशी भाषा (अंग्रेजी) से ग्रहण किया गया है, इसलिए इसे आगत (आया हुआ) स्वर कहते हैं। Trick: जो स्वर अंग्रेजी (विदेश) से 'आया' हो, वो 'आगत' है।
'ऑ' (अर्धचंद्र) न तो पूरी तरह 'ओ' है और न ही 'आ'। यह विदेशी भाषा (अंग्रेजी) से ग्रहण किया गया है, इसलिए इसे आगत (आया हुआ) स्वर कहते हैं। Trick: जो स्वर अंग्रेजी (विदेश) से 'आया' हो, वो 'आगत' है।
Q12.
इनमें से किस व्यंजन का उच्चारण स्थान 'वर्त्स्य' (Vatsarya - दाँतों के मूल/मसूढ़े) माना जाता है?
इनमें से किस व्यंजन का उच्चारण स्थान 'वर्त्स्य' (Vatsarya - दाँतों के मूल/मसूढ़े) माना जाता है?
[HSSC/SSC]
Correct Answer: B
वर्त्स्य का मतलब होता है मसूढ़ा (जहाँ दाँत और मसूढ़ा मिलते हैं)। 'न, र, ल, स, ज' इन पाँच वर्णों को वर्त्स्य व्यंजन माना जाता है क्योंकि इन्हें बोलते समय जीभ मसूढ़ों को छूती है। Trick: HSSC की इस ट्रिक को याद रखो - 'नरलस' (N-R-L-S)। ये चारों मसूढ़ों से (वर्त्स्य) बोले जाते हैं।
वर्त्स्य का मतलब होता है मसूढ़ा (जहाँ दाँत और मसूढ़ा मिलते हैं)। 'न, र, ल, स, ज' इन पाँच वर्णों को वर्त्स्य व्यंजन माना जाता है क्योंकि इन्हें बोलते समय जीभ मसूढ़ों को छूती है। Trick: HSSC की इस ट्रिक को याद रखो - 'नरलस' (N-R-L-S)। ये चारों मसूढ़ों से (वर्त्स्य) बोले जाते हैं।
Q13.
हिंदी में 'ड' (डमरू) और 'ढ' (ढक्कन) बिना बिंदु वाले, किस वर्ग के मूल व्यंजन हैं?
हिंदी में 'ड' (डमरू) और 'ढ' (ढक्कन) बिना बिंदु वाले, किस वर्ग के मूल व्यंजन हैं?
[HSSC/SSC]
Correct Answer: C
बिना बिंदु वाले 'ड' और 'ढ' ट-वर्ग (मूर्धन्य) के मूल व्यंजन हैं। इनसे कोई भी शब्द शुरू हो सकता है (जैसे- डाल, ढोलक)। जबकि बिंदु वाले (ड़, ढ़) उत्क्षिप्त हैं, जिनसे शब्द शुरू नहीं होता। Trick: डमरू और ढक्कन दोनों गोल होते हैं, और टमाटर (ट वर्ग) भी गोल होता है।
बिना बिंदु वाले 'ड' और 'ढ' ट-वर्ग (मूर्धन्य) के मूल व्यंजन हैं। इनसे कोई भी शब्द शुरू हो सकता है (जैसे- डाल, ढोलक)। जबकि बिंदु वाले (ड़, ढ़) उत्क्षिप्त हैं, जिनसे शब्द शुरू नहीं होता। Trick: डमरू और ढक्कन दोनों गोल होते हैं, और टमाटर (ट वर्ग) भी गोल होता है।
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